खेरोदा के स्कूल में विधिक साक्षरता शिविर, बच्चों को बताए अधिकार
उदय शिक्षा मंदिर में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को आरटीई नियमों और गोपनीय शिकायत दर्ज कराने के लिए 'कोर्ट वाली दीदी' पेटी की जानकारी दी गई।

खेरोदा के उदय शिक्षा मंदिर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
खेरोदा (उदयपुर)। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और शिकायतों के गोपनीय निस्तारण को लेकर खेरोदा में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने के साथ बाल अधिकारों के उल्लंघन और असुरक्षित परिस्थितियों की शिकायत करने के तरीकों से अवगत कराया गया।
राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर के तत्वावधान में तालुका विधिक सेवा समिति, वल्लभनगर की ओर से उदय शिक्षा मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, खेरोदा में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के तहत यह शिविर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में तालुका विधिक सेवा समिति, वल्लभनगर के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रेम गड़वाल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को कानूनी अधिकारों तथा सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। शिविर में अधिवक्ता फतेहलाल गाडरी और तालुका विधिक सेवा समिति के सचिव विष्णु कांत शर्मा भी उपस्थित रहे।
शिविर में विद्यार्थियों को निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत सुरक्षित स्कूल अवसंरचना के मानकों के बारे में बताया गया। उन्हें समझाया गया कि सुरक्षित स्कूल वातावरण केवल चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सुरक्षित, सुलभ और गरिमापूर्ण माहौल सुनिश्चित करना भी इसका हिस्सा है।
आरटीई अधिनियम की धारा 19 के तहत सुरक्षित कक्षाओं, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित पेयजल, खेल मैदान और दिव्यांग बच्चों के लिए बाधा-मुक्त पहुंच जैसी सुविधाओं के महत्व पर प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को जर्जर छतों, खुले बिजली के तारों और अस्वच्छता से उत्पन्न होने वाले खतरों के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार की असुरक्षित स्थिति दिखाई देने पर विद्यार्थियों को तुरंत शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति को सूचित करना चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इसके साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 तथा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन के बारे में भी बताया गया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ को बाल अधिकारों तथा बाल अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों को बिना किसी भय के अपनी गोपनीय शिकायत दर्ज कराने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘कोर्ट वाली दीदी’ के नाम से शिकायत पेटिका भी उपलब्ध करवाई गई। शिविर के माध्यम से सुरक्षित स्कूल वातावरण, बाल अधिकारों की जानकारी और शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
