Mumbai Metro Line 9 की रफ़्तार होगी तेज ; यात्रीयों को मिलेगी ट्रैफिक से बड़ी राहत
मुंबई मेट्रो लाइन 9 का 7 अप्रैल को भव्य उद्घाटन। दहिसर से मीरा रोड (काशीगांव) के बीच शुरू होगी मेट्रो सेवा, ट्रैफिक जाम और लोकल की भीड़ से मिलेगी बड़ी राहत।

मुंबई मेट्रो लाइन 9 के अंतर्गत दहिसर पूर्व और मीरा रोड के काशीगांव को जोड़ने वाले नवनिर्मित एलिवेटेड कॉरिडोर का एक दृश्य।
Mumbai Metro Line 9 : मुंबई और इसके उपनगरों की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों की भीड़ से जूझते यात्रियों के लिए राहत की एक नई किरण फूटने वाली है। तमाम अड़चनों, तारीखों के फेरबदल और राजनीतिक रस्साकशी के बाद आखिरकार मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने पुष्टि कर दी है कि मेट्रो लाइन 9 के पहले चरण का भव्य उद्घाटन 7 अप्रैल को होने जा रहा है। दहिसर-मीरा भायंदर कॉरिडोर का यह शुरुआती खंड न केवल बुनियादी ढांचे की जीत है, बल्कि उन हजारों यात्रियों के धैर्य का फल भी है जो बरसों से दहिसर चेक नाके के दमघोंटू ट्रैफिक और लोकल ट्रेनों के जानलेवा रश को सहने के लिए मजबूर थे। हालांकि, राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक के 6 अप्रैल वाले बयान के बाद कुछ असमंजस की स्थिति बनी थी, लेकिन अब अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मंगलवार का दिन इस क्षेत्र के परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा।
यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 5 किलोमीटर लंबा है, जो दहिसर (पूर्व) को मीरा रोड के काशीगांव से सीधे जोड़ेगा। इस सफर के बीच पांडुरंगवाड़ी, मीरागांव और काशीगांव जैसे रणनीतिक स्टेशन तैयार खड़े हैं, जो उद्घाटन के तत्काल बाद यात्रियों के स्वागत के लिए खोल दिए जाएंगे। तकनीक और कनेक्टिविटी के लिहाज से यह लाइन मौजूदा 'रेड लाइन' यानी लाइन 7 का ही एक विस्तार है। ऐसे में जो यात्री मीरा रोड से गुंडावली या अंधेरी की ओर जाना चाहते हैं, उन्हें दहिसर ईस्ट स्टेशन पर अपनी ट्रेन बदलनी होगी। एमएमआरडीए का अनुमान है कि इस नई सेवा के शुरू होने से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा और यात्रियों की संख्या में प्रतिदिन 50 हजार से 1 लाख तक की भारी वृद्धि देखी जाएगी। महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इस भारी भीड़ को संभालने के लिए पहले ही कमर कस ली है और वर्तमान की 305 सेवाओं में 40 से 50 अतिरिक्त ट्रिप जोड़ने का रोडमैप तैयार कर लिया है।
हालांकि, इस विकास गाथा के साथ कुछ जमीनी चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं। दहिसर चेक नाके के पास चल रहे सड़क निर्माण कार्यों ने अंतिम मील कनेक्टिविटी (Last Mile Connectivity) पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। लिफ्ट और सीढ़ियों का उपयोग करने वाले पैदल यात्रियों के लिए व्यस्त हाईवे पार करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। रेल विशेषज्ञों का मानना है कि विरार और वसई से आने वाली खचाखच भरी लोकल ट्रेनों के विकल्प के रूप में यह मेट्रो लाइन एक 'गेम-चेंजर' साबित होगी। गौर करने वाली बात यह है कि 2016 में घोषित हुई यह 13.58 किलोमीटर लंबी विशाल परियोजना भूमि अधिग्रहण के विवादों, ठेकेदारों की सुस्ती और डिपो निर्माण के कड़े विरोध के दौर से गुजरी है। जनवरी में ही सुरक्षा आयुक्त से हरी झंडी मिलने के बावजूद उद्घाटन में हुई देरी का मुख्य कारण वीआईपी अतिथियों की उपलब्धता बताया जा रहा है। बहरहाल, 7 अप्रैल से शुरू होने वाली यह सेवा मुंबई की रफ्तार को एक नई ऊंचाई देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
