भारत को खेल महाशक्ति बनाने की तैयारी ; 2036 ओलंपिक पर अमित शाह का बड़ा रोडमैप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि केंद्र सरकार ने 2036 ओलंपिक की तैयारियां शुरू कर दी हैं और भारत को दुनिया के शीर्ष पांच पदक विजेता देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। 3,000 खिलाड़ियों को हर महीने 50,000 रुपये की सहायता, खेल निवेश में बढ़ोतरी और पुलिस खेल सुधारों के जरिए सरकार खेल रणनीति पर काम कर रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों को लेकर अपनी तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार ने दीर्घकालिक रणनीति के तहत खिलाड़ियों को तैयार करने की व्यापक योजना पर काम शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य केवल ओलंपिक में भागीदारी बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत को दुनिया के शीर्ष पांच पदक विजेता देशों की श्रेणी में पहुंचाना है। अमित शाह ने यह घोषणा 21वें वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भाग लेने वाले भारतीय दल के सम्मान समारोह के दौरान की।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि सरकार ने ओलंपिक की तैयारियों को अंतिम वर्षों तक सीमित रखने की परंपरा को समाप्त करते हुए लंबी अवधि की योजनाबद्ध रणनीति अपनाई है। इसी दिशा में लगभग 3,000 चयनित खिलाड़ियों को हर महीने 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है, ताकि उनके प्रशिक्षण, उच्च स्तरीय कोचिंग, पोषण, आधुनिक खेल उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी का खर्च प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ऐसे विश्वस्तरीय खिलाड़ियों की मजबूत श्रृंखला तैयार करना है, जो लगातार ओलंपिक स्तर पर भारत के लिए पदक जीत सकें।
अमित शाह ने विश्वास जताया कि यदि यह योजना इसी तरह आगे बढ़ती रही तो वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत पदक तालिका में दुनिया के शीर्ष पांच देशों में अपनी जगह बनाने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र की भी आवश्यकता होती है, जिस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने भारत की 2036 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत ने औपचारिक रूप से ओलंपिक की मेजबानी में रुचि जताई है और अहमदाबाद को संभावित मेजबान शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए शहर और उसके आसपास बड़े पैमाने पर खेल अवसंरचना का विकास किया जा रहा है, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव जैसी आधुनिक परियोजनाएं भी शामिल हैं।
अमित शाह ने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने खेल क्षेत्र में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस निवेश के परिणामस्वरूप देशभर में आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित हुई है, खिलाड़ियों को वैज्ञानिक कोचिंग और स्पोर्ट्स साइंस का बेहतर सहयोग मिल रहा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अधिक अवसर उपलब्ध हुए हैं तथा उभरते खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता भी सुनिश्चित की जा रही है। उनका कहना था कि इन प्रयासों का उद्देश्य भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने पुलिस बलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित राष्ट्रीय खेल विधेयक के तहत राज्य पुलिस बलों को राष्ट्रीय खेलों में अलग इकाई के रूप में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने भर्ती नियमों में संशोधन कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान और पुलिस संगठनों की खेल टीमों को मजबूत बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। उन्होंने सभी पुलिस इकाइयों से खेलों को अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
भारतीय दल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि 21वें वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 613 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने इस सफलता को भारत की बढ़ती खेल क्षमता और खिलाड़ियों के विकास में किए जा रहे निवेश का प्रत्यक्ष परिणाम बताया।
गौरतलब है कि भारत ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में कुल छह पदक जीतकर अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था। अब केंद्र सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान, खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध कराकर भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। साथ ही, 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में देश की दावेदारी को भी मजबूत किया जा रहा है। यदि सरकार की यह रणनीति सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में भारत केवल मेजबान बनने की दिशा में ही नहीं, बल्कि ओलंपिक पदक तालिका में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होने की ओर भी निर्णायक कदम बढ़ा सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
