“PoJK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं” ईदगाह मैदान में भड़का विरोध आंदोलन ; प्रशासन के खिलाफ गूंजे तीखे नारे
रावलाकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोगों ने PoJK की प्रशासनिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “पाकिस्तान का हिस्सा नहीं” जैसे नारे लगाए और आर्थिक, प्रशासनिक व आपूर्ति समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। यह आंदोलन कई दिनों से जारी है।

PoJK के रावलाकोट में बड़ा विरोध प्रदर्शन
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलाकोट स्थित ईदगाह मैदान में हाल के दिनों में हजारों लोगों की भीड़ ने एक बड़ा और राजनीतिक रूप से संवेदनशील प्रदर्शन किया, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव और चर्चा को जन्म दे दिया है। इस विशाल जनसमूह ने विरोध प्रदर्शन के दौरान यह दावा दोहराया कि यह क्षेत्र “पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है”, जिससे आंदोलन का स्वर और अधिक तीखा और राजनीतिक रूप से जटिल हो गया।
यह प्रदर्शन कोई अचानक घटना नहीं था, बल्कि कई दिनों से जारी एक सतत धरना और विरोध आंदोलन का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें हजारों लोग लगातार शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने भाषणों और नारों के माध्यम से पाकिस्तान प्रशासन के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया और क्षेत्रीय प्रशासनिक ढांचे में सुधार तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी स्पष्ट रूप से सामने रखी।
सूत्रों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस आंदोलन के दौरान लोगों ने शासन व्यवस्था में सुधार, स्थानीय स्तर पर अधिक राजनीतिक अधिकार, और संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण की मांग को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही यह आरोप भी सामने आए कि क्षेत्र में खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर कथित प्रतिबंध और बाधाएं लगाई गईं, जिसके चलते लोगों में असंतोष और अधिक गहरा गया और विरोध प्रदर्शन ने व्यापक रूप ले लिया।
New : 🚨“Declaration at Rawalakot: ‘PoJK Is Not Part of Pakistan.”
— Shivank Mishra (@shivank_8mishra) June 30, 2026
Thousands of demonstrators at Rawalakot’s Eidgah Ground reiterated that PoJK is not part of Pakistan, delivering another major challenge to Islamabad’s control over the region.
Since 9 June, another group of… pic.twitter.com/DMnNLwgSTp
ईदगाह मैदान, रावलाकोट, लंबे समय से क्षेत्रीय जनआंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है, क्योंकि यह स्थान बड़ी भीड़ को समाहित करने में सक्षम है और पहले भी कई बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों का साक्षी रह चुका है। वर्तमान आंदोलन भी इसी स्थान से केंद्रित होकर व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ा।
इस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से जुड़े नागरिक समूहों और स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है। इसे एक ऐसे जन-आधारित आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पारंपरिक राजनीतिक दलों की बजाय नागरिक समाज, व्यापारी वर्ग और स्थानीय संगठन अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कुछ स्थानीय नेताओं के नाम भी इस आंदोलन के दौरान सामने आए हैं, जिन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए स्थिति को और तीव्र किया।
यह पूरा घटनाक्रम उस व्यापक अशांति की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है, जो पिछले कुछ वर्षों से PoJK में समय-समय पर सामने आती रही है। वर्ष 2024 से लेकर 2026 तक कई बार आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें सरकार और स्थानीय समूहों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान अब तक सामने नहीं आ सका है।
वर्तमान स्थिति में रावलाकोट और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ जुटी हुई है और धरना जारी है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किए जाने की जानकारी सामने आई है, साथ ही कुछ क्षेत्रों में आवाजाही पर प्रतिबंध और संचार व्यवस्थाओं पर अस्थायी नियंत्रण जैसी स्थितियां भी देखी गई हैं, हालांकि इन पर आधिकारिक विवरण सीमित है।
प्रदर्शन के दौरान लगाए गए “पाकिस्तान का हिस्सा नहीं” जैसे नारे राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माने जा रहे हैं, क्योंकि यह क्षेत्र पहले से ही कश्मीर विवाद का हिस्सा है और इसकी प्रशासनिक स्थिति लंबे समय से विवादित रही है। यह आंदोलन जहां एक ओर आर्थिक और सामाजिक असंतोष को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह क्षेत्रीय राजनीतिक चेतना और प्रशासनिक ढांचे पर उठते सवालों को भी उजागर करता है। रावलाकोट का यह आंदोलन अब केवल एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन न रहकर व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है, जिसकी गूंज पूरे क्षेत्रीय परिदृश्य में महसूस की जा रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
