मुंबई के चेंबूर में बड़ा हादसा: स्कूल बस पर विशाल पेड़ गिरा, 11 वर्षीय छात्र की मौत
मुंबई के चेंबूर इलाके में भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान एक स्कूल बस पर विशाल पेड़ गिरने से बड़ा हादसा हुआ। यूनिवर्सल हाई स्कूल के बच्चों को ले जा रही बस क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें 11 वर्षीय छात्र की मौत हो गई और 10 से अधिक बच्चे घायल हुए। फायर ब्रिगेड ने राहत कार्य कर बच्चों को बचाया, जबकि प्रशासन जांच में जुटा है।

मुंबई के चेंबूर में स्कूल बस पर गिरा भारी पेड़
मुंबई के चेंबूर इलाके में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तेज बारिश और आंधी के बीच सड़क किनारे खड़ा एक विशाल पेड़ अचानक उखड़कर एक स्कूल बस पर आ गिरा। यह दर्दनाक हादसा रोड नंबर 11 पर हुआ, जहां एक निजी स्कूल की बस बच्चों को लेकर घर लौट रही थी। कुछ ही पलों में खुशियों से भरा सफर चीख-पुकार और दहशत में बदल गया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, यह बस यूनिवर्सल हाई स्कूल की थी, जिसमें स्कूल के छोटे बच्चे सवार थे। दोपहर के समय जब बस अपने रूट पर आगे बढ़ रही थी, तभी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क किनारे लगा एक पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़ गया और सीधे बस के ऊपर गिर पड़ा। पेड़ के गिरते ही बस का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे बच्चे फंस गए।
हादसे के समय बस में लगभग 13 से 15 बच्चे सवार थे। पेड़ के भारी दबाव के कारण बस की छत और खिड़कियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे कई बच्चे अंदर ही फंस गए। शुरुआती जानकारी में कुछ बच्चों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी, जबकि बाद में पुष्टि हुई कि बचाव कार्य के दौरान एक बच्चा काफी देर तक अंदर फंसा रहा। इस दर्दनाक घटना में एक 11 वर्षीय छात्र की मौके पर ही या अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। इसके अलावा कम से कम 10 अन्य बच्चे घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि कई बच्चों को मामूली चोटें आई हैं। अलग-अलग अस्पतालों में 4 से 5 बच्चों को मध्यम श्रेणी की चोटों के चलते भर्ती कराया गया है।
🚨Tree Falls on School Bus in Mumbai's Chembur, 10 Children Injured; One feared trapped, Rescue Operation Underway pic.twitter.com/ULCgYvlXaj
— The Tatva (@thetatvaindia) June 30, 2026
घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और आपातकालीन बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान टीमों ने विशेष उपकरणों की मदद से पेड़ की भारी शाखाओं को काटकर बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। कुछ समय तक एक बच्चे के फंसे रहने के कारण ऑपरेशन बेहद संवेदनशील बना रहा। घायल बच्चों को तुरंत पास के जैन अस्पताल और ज़ेन अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया।
घटना के समय मुंबई में भारी बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बनी हुई थी, जिसके चलते भारतीय मौसम विभाग द्वारा येलो अलर्ट भी जारी किया गया था। तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण पेड़ की मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिसके चलते उसके गिरने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर इस घटना को गंभीर माना जा रहा है। प्रारंभिक प्रतिक्रिया में नगर निकाय से जुड़े अधिकारियों ने माना है कि यह घटना संभावित रूप से रोकी जा सकती थी। स्थानीय नागरिकों ने भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में कमजोर पेड़ों की समय पर छंटाई और निरीक्षण नहीं किया गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर मुंबई जैसे महानगर में मानसून के दौरान सड़क किनारे खड़े पुराने और कमजोर पेड़ों की सुरक्षा, स्कूल परिवहन व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मासूम बच्चों की जान जाने के साथ यह घटना शहर की तैयारियों और रखरखाव व्यवस्था पर गहरी चोट छोड़ गई है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
