नशामुक्त भारत अभियान का शुभारंभ, ब्रह्माकुमारीज़ ने आध्यात्मिक जागरूकता को बताया समाधान
जयपुर में ब्रह्माकुमारीज़ राजापार्क सबज़ोन ने 3 अगस्त को नशामुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक जागरूकता, राजयोग मेडिटेशन और नशामुक्त समाज निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।

तस्वीर में जयपुर के कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ जयपुर सबजोन डायरेक्टर बीके पूनम दीदी, जोनल डायरेक्टर एनसीबी अभिषेक नारायण सिन्हा और अन्य गणमान्य अतिथि मंच पर खड़े नजर आ रहे हैं।
जयपुर। ब्रह्माकुमारीज़ राजापार्क सबज़ोन द्वारा 3 अगस्त को "नशामुक्त भारत अभियान" का शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्देश्य समाज में नशे के प्रति जागरूकता फैलाना, युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा आध्यात्मिक सशक्तिकरण के माध्यम से स्वस्थ एवं संस्कारित भारत के निर्माण में जनसहभागिता बढ़ाना है।
अभियान का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज़ जयपुर सबजोन डायरेक्टर बीके पूनम दीदी जी, जोनल डायरेक्टर NCB जयपुर जोनल यूनिट अभिषेक नारायण सिन्हा जी, भूतपूर्व पार्षद झालाना लक्ष्मण सिंह जी, इंस्पेक्टर NCB जयपुर कुलदीप मीणा जी और सोडाला सेवाकेंद्र इंचार्ज स्नेह दीदी जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य अतिथियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ जयपुर सबजोन डायरेक्टर बीके पूनम दीदी जी ने कहा कि व्यसन केवल एक आदत नहीं, बल्कि व्यक्ति के संस्कारों, वातावरण और संगति का परिणाम होता है। उन्होंने बताया कि कई बार पूर्व संस्कार और आसपास का वातावरण व्यक्ति को नशे की ओर आकर्षित कर देते हैं। ऐसी स्थिति में सुधार का सबसे प्रभावी माध्यम आत्म-जागृति है।
बीके पूनम दीदी जी ने कहा कि जब व्यक्ति अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनता है, विवेक को जागृत करता है और आध्यात्मिक ज्ञान को जीवन में अपनाता है, तब उसमें सही और गलत का निर्णय लेने की शक्ति विकसित होती है। उन्होंने कहा कि बचपन से नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का विकास बच्चों को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में सहायक होता है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा राजयोग मेडिटेशन एवं आध्यात्मिक अध्ययन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे आत्मबल, मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ता है तथा व्यक्ति तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवन जी पाता है।
जोनल डायरेक्टर NCB जयपुर जोनल यूनिट अभिषेक नारायण सिन्हा जी ने कहा कि राष्ट्रहित के इस महत्वपूर्ण अभियान में ब्रह्माकुमारीज़ ने उन्हें और उनके संगठन को सहभागी बनने का अवसर प्रदान किया, यह उनके लिए प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानूनी समस्या नहीं, बल्कि उससे कहीं अधिक सामाजिक समस्या है। इसका समाधान केवल कानून के माध्यम से संभव नहीं है।
अभिषेक नारायण सिन्हा जी ने बताया कि किसी भी नशे के दो पक्ष होते हैं—सप्लाई और डिमांड। यदि समाज में नशे की मांग समाप्त हो जाए तो उसकी आपूर्ति स्वतः कम हो जाएगी। इसी उद्देश्य से भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने देश की प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के साथ समझौता कर डिमांड रिडक्शन पर विशेष अभियान प्रारंभ किया है, जिसमें ब्रह्माकुमारीज़ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम में भूतपूर्व पार्षद झालाना लक्ष्मण सिंह जी ने कहा कि वे ऐसे क्षेत्रों में कार्य करते हैं जहां संसाधनों की कमी और जीवन का तनाव लोगों को कई बार नशे की ओर धकेल देता है। उन्होंने बताया कि ऐसे अनेक लोगों ने ब्रह्माकुमारीज़ के संपर्क में आकर राजयोग मेडिटेशन अपनाया, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।
लक्ष्मण सिंह जी ने कहा कि ध्यान, आध्यात्मिक ज्ञान और आत्मचिंतन के माध्यम से लोगों ने तनाव पर विजय प्राप्त की और नशे जैसी बुराइयों से मुक्त होकर नया जीवन प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज में आध्यात्मिक चेतना, आत्मसम्मान और आत्मशक्ति का विकास किया जाए तो नशामुक्त भारत का लक्ष्य साकार हो सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित नागरिकों ने नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारित भारत के निर्माण की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। उपस्थित लोगों ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चलाए जा रहे इस जन-जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ से जुड़े ऐसे लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान एवं मेडिटेशन के माध्यम से स्वयं को नशामुक्त बनाया और समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया।

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