गंगापुर सिटी, 27 अक्टूबर। 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के तीसरे दिन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को परमात्मा के प्रेम, आध्यात्मिक जागृति और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हर परिस्थिति में परमात्मा के प्रेम में स्थिर रहना ही सच्ची जागृति है।” समालखा की पावन धरा पर देश-विदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आयोजित समागम में भक्ति, श्रद्धा, समर्पण और एकत्व का वातावरण दिखाई दिया। सतगुरु के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। गुरु और गुरसिख का यह मिलन प्रेम, मानवता और विश्वबंधुत्व की भावना को साकार करता नजर आया।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आत्मा का परमात्मा से मिलन और प्रत्येक पल निराकार प्रभु का अनुभव करना ही आध्यात्मिक जीवन का सार है। परमात्मा अटल सत्य है, जबकि मनुष्य की इच्छाएं और परिस्थितियां निरंतर बदलती रहती हैं। अनुकूल परिस्थितियों में आस्था बनाए रखना आसान होता है, लेकिन सच्ची भक्ति वही है जो हर परिस्थिति में अडिग रहे।

माता जी ने कहा कि ब्रह्मज्ञान से प्राप्त जागृति मनुष्य को जीवनभर सजग और सचेत रहने की प्रेरणा देती है। यह जागृति उसके व्यवहार, निर्णयों और सामाजिक जीवन में भी दिखाई देनी चाहिए। अन्याय के विरुद्ध खड़े होते समय अपने उद्देश्य की पड़ताल करना आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रयास वास्तव में भलाई के लिए है या उसके पीछे अहंकार, स्वार्थ और दिखावे की भावना है। विचारों में भिन्नता होने के बावजूद प्रत्येक व्यक्ति में परमात्मा का अंश देखकर उसे अपनाना ही निष्काम प्रेम की सच्ची पहचान है।

सतगुरु माता जी के प्रवचनों से पहले निरंकारी राजपिता रमित जी ने जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने समझाया कि जीवन में जहां परिवर्तन संभव हो, वहां सकारात्मक प्रयास किए जाने चाहिए और जहां परिवर्तन संभव न हो, वहां परिस्थितियों को सहजता से स्वीकार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।

राजपिता रमित जी ने कहा कि मनुष्य संसार की आवश्यकताओं और भौतिक सुख-सुविधाओं के प्रति सजग रहता है, लेकिन अक्सर अपनी आत्मा की वास्तविक प्यास को अनदेखा कर देता है। परमात्मा के प्रेम और उसकी सर्वव्यापकता को पहचानना, अहंकार का त्याग करना तथा सच्ची जिज्ञासा, श्रद्धा और समर्पण के साथ जीवन व्यतीत करना ही वास्तविक आध्यात्मिक जागृति है।

कोटा जोन के जोनल इंचार्ज संत बृजराज सिंह जी यादव ने बताया कि समागम में कोटा जोन और गंगापुर सिटी क्षेत्र के हजारों भक्तों ने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। हाड़ौती क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु भी इस अवसर पर पहुंचे। श्रद्धालुओं की ओर से सतगुरु माता जी से कोटा पधारने का निवेदन किया गया और उनके आगमन के लिए प्रार्थना की गई।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी और विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण जी ने सतगुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्य के मंत्रियों, कई सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

समागम में दिव्यांग संत-महात्माओं की सुविधाओं का भी प्रबंध किया गया। सभी प्रवेश द्वारों पर व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं, ताकि उन्हें समारोह स्थल तक पहुंचने में परेशानी न हो। उनके ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई। कार्यक्रमों को देखने के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई गईं। दिव्यांग श्रद्धालुओं को समागम के दौरान सतगुरु के पावन दर्शन का लाभ भी मिला।

स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत मिशन के स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की ओर से व्यापक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। समागम परिसर में आठ एलोपैथिक और छह होम्योपैथिक डिस्पेंसरी, 15 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एक कायरोप्रैक्टिक शिविर स्थापित किया गया। इसके अतिरिक्त 15 आईसीयू सुविधाओं से युक्त 120 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल बनाया गया। आपातकालीन सेवाओं के लिए मिशन की 12 और हरियाणा सरकार की 30 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई, जिनमें 15 वेंटिलेटर युक्त एम्बुलेंस शामिल थीं।

कायरोप्रैक्टिक शिविर में भारत और विदेशों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। इन चिकित्सकों की ओर से उपलब्ध कराए गए उपचार और देखभाल से हजारों अस्वस्थ लोगों को लाभ मिला। इसके अलावा ईएनटी, नेत्र, बाल रोग, दंत चिकित्सा और मनोरोग सहित विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

श्रद्धालुओं के भोजन के लिए समागम परिसर में चार स्थानों पर सामुदायिक लंगर की व्यवस्था की गई। यहां लाखों श्रद्धालुओं को दिन-रात भोजन उपलब्ध कराया गया। सभी को एक साथ बैठकर लंगर ग्रहण करते देख ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना का संदेश मिला। इसके अतिरिक्त परिसर में 22 कैंटीनों के माध्यम से रियायती दरों पर अल्पाहार, चाय, कॉफी और मिनरल वाटर उपलब्ध कराया गया। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के साथ सेवा, समानता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना रहा।

79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी के संदेशों के साथ आध्यात्मिक जागृति, निष्काम प्रेम, मानवता और सेवा पर जोर दिया गया। कोटा जोन, गंगापुर सिटी और हाड़ौती क्षेत्र से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने सतगुरु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और कोटा आगमन के लिए निवेदन किया।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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