79वें निरंकारी संत समागम में उमड़े लाखों श्रद्धालु, सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने दिया प्रेम और जागृति का संदेश
79वें निरंकारी संत समागम के तीसरे दिन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने परमात्मा के प्रेम और आध्यात्मिक जागृति का संदेश दिया। समालखा में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी आशीर्वाद प्राप्त किया।

समालखा में आयोजित 79वें निरंकारी संत समागम के दौरान मंच पर निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी के साथ आशीर्वाद लेते हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति।
गंगापुर सिटी, 27 अक्टूबर 2026। 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के तीसरे दिन समालखा में देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में प्रेम, श्रद्धा और एकत्व का संदेश दिया गया। निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि हर परिस्थिति में परमात्मा के प्रेम में स्थिर रहना ही सच्ची जागृति है। सतगुरु के पावन दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालु उनके संदेशों से भावविभोर हो उठे।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आत्मा का परमात्मा से मिलन और हर पल निराकार प्रभु का अनुभव करना ही आध्यात्मिक जीवन का सार है। परमात्मा अटल सत्य है, जबकि मनुष्य की इच्छाएं और परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं। अनुकूल परिस्थितियों में आस्था बनाए रखना आसान होता है, लेकिन सच्ची भक्ति वही है जो हर परिस्थिति में अडिग रहे।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान से प्राप्त जागृति व्यक्ति को जीवनभर सजग और सचेत रहने की प्रेरणा देती है। इस जागृति का प्रभाव उसके व्यवहार, निर्णयों और सामाजिक जीवन में भी दिखाई देना चाहिए। अन्याय के विरुद्ध खड़े होते समय व्यक्ति को अपने उद्देश्य की पड़ताल करनी चाहिए और यह समझना चाहिए कि उसका प्रयास वास्तव में भलाई के लिए है या उसके पीछे अहंकार, स्वार्थ और दिखावे की भावना है।
सतगुरु माता जी ने विचारों में भिन्नता के बावजूद प्रत्येक व्यक्ति में परमात्मा का अंश देखकर उसे अपनाने को निष्काम प्रेम की सच्ची पहचान बताया। उनके प्रवचनों में आध्यात्मिक जागृति के साथ जीवन के व्यवहारिक पक्ष में भी प्रेम, सजगता और समर्पण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के प्रवचनों से पहले निरंकारी राजपिता रमित जी ने जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने समझाया कि जीवन में जहां परिवर्तन संभव हो, वहां सकारात्मक प्रयास करने चाहिए। वहीं, जिन परिस्थितियों में बदलाव संभव नहीं है, उन्हें सहजता से स्वीकार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
राजपिता रमित जी ने कहा कि मनुष्य संसार की आवश्यकताओं और भौतिक सुख-सुविधाओं के प्रति तो सजग रहता है, लेकिन अक्सर अपनी आत्मा की वास्तविक प्यास को अनदेखा कर देता है। परमात्मा के प्रेम और उसकी सर्वव्यापकता को पहचानना, अहंकार का त्याग करना तथा सच्ची जिज्ञासा, श्रद्धा और समर्पण के साथ जीवन व्यतीत करना ही वास्तविक आध्यात्मिक जागृति है।
समागम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सतगुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही कई पार्षदों और विधायकों ने भी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
समागम में दिव्यांग संत-महात्माओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। सभी प्रवेश द्वारों पर व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। उनके ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था के साथ कार्यक्रमों को देखने के लिए एलईडी स्क्रीन भी लगाई गईं, ताकि वे समागम की गतिविधियों में सुविधा के साथ शामिल हो सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत निरंकारी मिशन के स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग ने व्यापक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं। समागम परिसर में आयोजित काइरोप्रैक्टिक शिविर में भारत और विदेशों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। इन चिकित्सकों ने निस्वार्थ भाव से उपचार और देखभाल की, जिससे हजारों अस्वस्थ लोगों को लाभ मिला।
श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था के अंतर्गत समागम परिसर में चार स्थानों पर सामुदायिक लंगर संचालित किए गए। यहां लाखों श्रद्धालुओं को दिन-रात भोजन उपलब्ध कराया गया। लंगर में सभी को एक साथ बैठकर भोजन करते देख वसुधैव कुटुम्बकम की भावना प्रदर्शित हुई। इसके अतिरिक्त परिसर में संचालित 22 कैंटीनों में रियायती दरों पर अल्पाहार, चाय, कॉफी और मिनरल वाटर उपलब्ध कराया गया।
79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम में आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधाओं, चिकित्सा सेवाओं और सामुदायिक भोजन की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से सेवा, समानता और सहयोग की भावना को केंद्र में रखते हुए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को पूरा किया गया।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)
नाम: मदन मोहन गर्ग
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)
कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला
बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र
परिचय
मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:
- बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
- एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)
