जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल परीक्षा केंद्र पर राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल (आरपीएमसी) की परीक्षा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रश्नपत्रों के वितरण में गंभीर अनियमितता और देरी के आरोप सामने आए। परीक्षा के शांत और अनुशासित माहौल के बीच अचानक उत्पन्न हुई इस स्थिति ने पूरे परीक्षा केंद्र को अव्यवस्था और तनाव के माहौल में बदल दिया।

जानकारी के अनुसार, परीक्षा की शुरुआत में ही प्रश्नपत्रों का वितरण समान रूप से नहीं किया गया। कई अभ्यर्थियों को समय पर प्रश्नपत्र मिल गया, जबकि विशेषकर ऊपरी मंजिलों पर बैठे छात्रों को कई मिनटों तक इंतजार करना पड़ा। इस असमान वितरण के कारण परीक्षा की शुरुआत सभी उम्मीदवारों के लिए एक साथ नहीं हो सकी, जिससे अभ्यर्थियों में भ्रम और असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब परीक्षा के दौरान ही छात्रों ने इस अव्यवस्था का विरोध शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों ने परीक्षा कक्ष के भीतर ही प्रश्नपत्र वितरण में हुई देरी को लेकर आपत्ति जताई और जिम्मेदार कर्मचारियों पर लापरवाही व प्रबंधन में कमी के आरोप लगाए। देखते ही देखते यह विरोध तेज आवाज़ों और बहस में बदल गया, जिससे परीक्षा केंद्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया।



प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो फुटेज के अनुसार, कुछ हिस्सों में स्थिति पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई थी। कई छात्रों ने परीक्षा लिखना बीच में ही रोक दिया और निष्पक्ष समय की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों और पर्यवेक्षकों के बीच तीखी बहस की भी सूचना मिली, जिससे परिसर में अस्थिरता और बढ़ गई।

छात्रों ने इस घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर सभी अभ्यर्थियों के लिए समान समय और समान परिस्थितियाँ सुनिश्चित करना अनिवार्य है, लेकिन प्रश्नपत्रों के असमान वितरण ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने इसे प्रबंधन की गंभीर चूक बताते हुए संभावित अनियमितताओं की आशंका भी जताई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन या संबंधित परीक्षा प्राधिकरण की ओर से कोई विस्तृत और अंतिम बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, इस घटना की जांच या आंतरिक समीक्षा की संभावना जताई जा रही है, जिसमें प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया, पर्यवेक्षकों की भूमिका और केंद्र स्तर पर प्रबंधन की स्थिति की जांच की जा सकती है।

यह परीक्षा पैरामेडिकल डिप्लोमा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा थी, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। बताया जा रहा है कि इस घटना से सैकड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं। राजस्थान में हाल के समय में परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी घटनाओं की श्रृंखला में यह मामला एक और गंभीर उदाहरण के रूप में सामने आया है, जिसने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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