छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप, कांग्रेस का प्रदर्शन; विधायक गणेश घोघरा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
डूंगरपुर में कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत विधायक गणेश घोघरा ने नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जर्जर स्कूल भवनों की समस्या और माही बांध के पानी को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी।

देश में नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देशव्यापी आक्रोश के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत प्रदर्शन किया। डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक एवं जिला अध्यक्ष गणेश घोघरा ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विधायक गणेश घोघरा ने बताया कि यह अभियान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा 17 जून को कोटा से शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में छात्रों की समस्याओं और उनकी तकलीफों को प्रमुखता से उठाया है।
घोघरा ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर के लाखों छात्रों को मानसिक तनाव और अनिश्चितता की स्थिति में पहुंचा दिया है। उन्होंने दावा किया कि कई छात्रों ने इस तनाव के कारण आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर जिला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक पूरे देश में व्यापक आंदोलन चला रही है।
उन्होंने कहा कि देश के युवा कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हैं। अनेक छात्र अपने मकान-जमीन या माता-पिता के गहने गिरवी रखकर अथवा ऋण लेकर नीट जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करते हैं। उनका उद्देश्य डॉक्टर बनकर देश और मानवता की सेवा करना होता है, लेकिन परीक्षा से ठीक पहले पेपर लीक होने की घटनाओं से उनके सपने टूट रहे हैं और वे निराशा में गलत कदम उठाने पर मजबूर हो रहे हैं।
घोघरा ने परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नीट परीक्षा के लिए देशभर से लगभग 22 लाख छात्रों ने आवेदन किया था। सरकार ने आवेदन शुल्क के माध्यम से छात्रों और उनके परिवारों से करोड़ों रुपये प्राप्त किए, लेकिन जब उनके भविष्य को सुरक्षित रखने और निष्पक्ष परीक्षा कराने की जिम्मेदारी निभाने की बात आई तो सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विधायक एवं जिला अध्यक्ष ने शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में स्टाफ की भारी कमी है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और छात्र हितों के बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल और कॉलेज मनमानी फीस वसूल रहे हैं तथा छात्रों को प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। घोघरा ने कहा कि सरकार को शिक्षा का निजीकरण पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। उनके अनुसार राजनेताओं और बड़े अधिकारियों के बच्चों सहित सभी विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, ताकि शिक्षा में भेदभाव समाप्त हो सके।
घोघरा ने डूंगरपुर जिले सहित पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू हो चुका है और ऐसे में जर्जर भवनों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि प्रत्येक पंचायत से जर्जर भवनों की रिपोर्ट सरकार को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक एक भी कमरा स्वीकृत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बच्चे मंदिरों, टेंटों और पेड़ों की छांव में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यदि कोई दुर्घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
माही बांध के पानी को जालोर तक ले जाने की प्रस्तावित योजना का भी घोघरा ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि माही बांध का पानी सबसे पहले डूंगरपुर जिले और टीएसपी क्षेत्र के स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय जनता की अनदेखी कर पानी बाहर भेजा गया तो कांग्रेस इसके विरोध में बड़ा आंदोलन करेगी।
अंत में विधायक गणेश घोघरा ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के हित में कार्य करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केवल कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत कार्यों का उद्घाटन कर रही है और कागजी खानापूर्ति के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
