महाराष्ट्र के शिरपुर तालुका और त-हाड़ी क्षेत्र के किसानों के पास अपनी फसलों का ई-पीक पाहणी पंजीकरण पूरा करने के लिए 30 अक्टूबर 2026 तक का ही समय है। निर्धारित समय सीमा तक सातबारा उतारे पर फसलों की प्रविष्टि दर्ज नहीं होने पर किसानों को फसल बीमा, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का मुआवजा और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहने की आशंका है। शिरपुर तालुका कृषि अधिकारी कैलास गोपाल ने किसानों से समय रहते फसल पंजीकरण पूरा करने और अपने सातबारा उतारे की जांच करने की अपील की है।

ई-पीक पाहणी की अंतिम तारीख नजदीक आने के बावजूद कई किसान फसल पंजीकरण के लिए सहायकों पर निर्भर हैं। वे मानकर चलते हैं कि ई-पीक पाहणी सहायकों के माध्यम से उनके खेतों में बोई गई फसलों का पंजीकरण हो जाएगा। हालांकि, किसानों को स्वयं अपने सातबारा उतारे की जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित फसल सीजन की सभी प्रविष्टियां दर्ज हो चुकी हैं या नहीं। यदि फसलों की जानकारी दर्ज नहीं हुई है या पंजीकरण अधूरा है, तो उसे 30 अक्टूबर 2026 की अंतिम समय सीमा से पहले पूरा कराना आवश्यक है।

सातबारा उतारे पर फसलों की प्रविष्टि दर्ज नहीं होने से किसानों को कई सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इसमें फसल बीमा, अतिवृष्टि, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा, सरकारी समर्थन मूल्य पर कृषि उपज बेचने के लिए पंजीकरण, फसल ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ शामिल हैं। ऐसे में ई-पीक पाहणी की अनदेखी किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

मोबाइल से ई-पीक पाहणी करने के लिए किसानों को अपने फोन में ई-पीक पाहणी (DCS) ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप खोलने के बाद अपने खाते या गट क्रमांक का चयन करना होगा। इसके बाद फसल का प्रकार और खेती के क्षेत्र की जानकारी भरनी होगी तथा खेत में लगी फसल की तस्वीर अपलोड करनी होगी। पंजीकरण सबमिट करने के बाद ऐप में यह जांचना भी जरूरी है कि फसल की प्रविष्टि सही तरीके से दर्ज हुई है या नहीं।

शिरपुर तालुका कृषि अधिकारी कैलास गोपाल ने किसानों से अंतिम दिन का इंतजार किए बिना तत्काल ई-पीक पाहणी पूरी करने की अपील की है। उन्होंने सातबारा उतारे की जांच कर संबंधित सीजन की फसलों का पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। 30 अक्टूबर 2026 की समय सीमा को देखते हुए किसानों के लिए समय पर फसल प्रविष्टियां पूरी करना जरूरी है, ताकि सरकारी योजनाओं और कृषि संबंधी लाभों के लिए उनकी पात्रता प्रभावित न हो।

Pratahkal Newsroom

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