गंगापुर उपकारागृह में बंदियों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं और उनकी कानूनी व चिकित्सा संबंधी समस्याओं की स्थिति जानने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती रश्मि आर्य ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिजली, पेयजल और स्वच्छता सहित आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्याओं के निवारण और जेल में सुविधाएं सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

गंगापुर, भीलवाड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भीलवाड़ा की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती रश्मि आर्य ने उपकारागृह गंगापुर के निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अवलोकन करते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारी रश्मि आर्य ने उपकारागृह में बिजली, पेयजल, स्वच्छता सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जेल में निरुद्ध बंदियों के संबंध में विवरण लिया और नए बंदियों के बारे में भी जानकारी हासिल की। इसके बाद बंदियों से सीधे संवाद कर उनके मुकदमों से जुड़ी समस्याओं तथा चिकित्सा सुविधाओं को लेकर आ रही परेशानियों को सुना।

बंदियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए श्रीमती आर्य ने उनके निवारण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को नियमानुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लेना था।

इस दौरान श्रीमती आर्य ने बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र बंदी अपने मुकदमों की पैरवी के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विधिक सहायता की जानकारी को महत्वपूर्ण बताते हुए यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय पाने के अवसर से वंचित न रहे।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकारागृह प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जेल में बिजली, पानी, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने तथा बंदियों की समस्याओं पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर न्यायिक कर्मचारी दीपक अग्रवाल एवं तालुका विधिक सेवा समिति के सचिव निखिलेश जीनगर उपस्थित रहे। निरीक्षण के माध्यम से जेल की व्यवस्थाओं, बंदियों की समस्याओं और पात्र बंदियों तक निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई।

Next Story